What Happens After Death In Hindi | क्या मनुष्य मृत्यु के बाद तीन दिन तक जिन्दा रहता है, अगर हां तो क्या है इसके पीछे का रहस्य ?

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What Happens After Death In Hindi – क्या मृत्यु के बाद भी शरीर में प्राण ऊर्जा रहती है

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Lets talk about What Happens After Death In Hindi – साधारण तौर में हृदय की धड़कन बंद होजाने में उस व्यक्ति को लोग मृत घोषित करदेते है किन्तु धड़कन बंद होजाने से या शरीर निष्पंद क्रियाहीन होजाने से पूर्ण रूप से मृत्यु नहीं होती | डाक्टर्स एवं वैज्ञानिको के अनुसार धड़कन बंद होजाने के साथ अधिकाँश प्राण शक्ति बहार निकल जाती है किन्तु संपूर्ण प्राण शक्ति बाहर नहीं निकलती | केंद्रीय प्राण निकल जाता है किन्तु प्रत्येक कोष (सैल) में जो प्राण ऊर्जा व्याप्त रहती है उसके निकलने में तीन दिन लग जाते है इसके बाद ही उसे पूर्ण रूप से मृत घोषित किया जा सकता है |

What Happens After Death According To Science | क्या उस मृतक का तीन दिन तक इंतजार करना चाहिए

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जैसा की आपने अभी जाना कि केंद्रीय प्राण एक झटके में निकल जाता है किन्तु सैलो की ऊर्जा धीरे धीरे निकलती है जिसके कारण कुछ ऐसे भी प्रमाण सामने आये है कि मृतक व्यक्ति को चिता पर रख दिए और अग्नि देने जा ही रहे थे की उसकी चेतना लौट आयी और वो जीवित हो उठा एवं उसके बाद वे कई वर्षो तक जीवित रहा |मृत्यु के उपरान्त उस व्यक्ति का इंतजार करने का प्रश्न बहुत ही कठिन है क्योकि केंद्रीय ऊर्जा तो पल प्रतिपल कम होती जाएगी | उधाहरण के तौर जब युद्ध छेत्र में राजा ही मारा जाये तो फिर सेना किसके लिए लड़ेगी | मानी हुई बात है कि सेना भाग खडी होगी ऐसा ही कोशीय ऊर्जा को समझो |

What Happens After Death In Hinduism| हिन्दू धर्म के अनुसार क्या होता है मृत्यु के बाद |

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हिन्दुओं के प्राचीन विद्वानों ने इसीलिए शव-दाह एवं कपाल क्रिया का विधान बनाया कि जिससे शीघ्र ही आतंरिक ऊर्जा शरीर से निकल जाए और मृत व्यक्ति को ज्यादा देर तक आंतरिक रूप से कष्ट ना हो तथा शीघ्र ही नए शरीर की प्राप्ति हो जाये|धार्मिक विचार धाराओं के अनुसार आत्मा जिसे प्राण भी कहते है स्थूल शरीर का मोह नहीं त्याग पाती और तब तक स्थूल शरीर के आसपास मंडराती है जब तक कि स्थूल शरीर नष्ट नहीं हो जाता |

Where Does Your Soul Go After The Death By Garun Puran | गरुण पुराण के अनुसार मरने के बाद क्या होता है ?

Reason Behind death | क्या कारण है की स्थूल शरीर को सूक्ष्म शरीर छोड़ देता है ?  

जब स्थूल शरीर सूक्ष्म शरीर के अयोग्य हो जाता है तो वह इसे त्याग कर नए शरीर की खोज में निकल जाता है | जिस तरह लोहा पुराना हो जाता है तो उसमे जंग लग जाती है और धीरे धीरे लोहा गल जाता है किन्तु उसका सूक्ष्म रूप नष्ट नहीं होता अर्थात वह मिटटी में मिलकर दूसरा रूप धारण कर लेता है |

Hindu Mythology Behind Rebirth | क्या इच्छानुसार प्राप्ति होती है नये शरीर की | 

पुनर्जन्म का प्रमुख कारण इच्छा है किन्तु जाति, आयु एवं भोग उसे कर्मफल प्रारब्ध (पूर्व जन्म के कर्म) से ही प्राप्त होता है | इसमें वह स्वतंत्र नहीं है अर्थात ईश्वर की इच्छानुसार होता है जिसमे पूर्व जन्मो (Rebirth) के कर्मो का प्रारब्ध सम्मिलित होता है |

9 Sign of Death According To Shivapurana | शिवपुराण के अनुसार मृत्यु के पहले मिलते है ये संकेत |

क्या आप इन तथ्यों के बारे में पहले से जानते थे ?

 पुनर्जन्म में क्या है आपको विश्वास ?

क्या आपको भी लगता है कि मनुष्य मृत्यु के बाद भी रहता है तीन दिन तक जिन्दा ?

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