गौ रक्षा आयाम : गौ पालन, गौसंवर्धन, गौ आधारित जैविक खेती और सेहतमंद समाज की ओर विश्व हिन्दू परिषद् की एक अनूठी पहल

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गंगा, गीता, गायत्री, गौ, गोविन्द के नाम| पाँचों को स्मरण करो पूर्ण होंगे काम

हमारी देसी गौ माता, मानव जाती के लिए वरदान: Indian Breed Cows

समुद्रमंथन में देवताओं और असुरों को कुल 14 रत्नों की प्राप्ति हुई थी जिसमे से एक हमारी गौ माता भी थी| समुद्रमंथन से कामधेनु गौ माता की उत्पत्ति हुई थी| वेद पुराणों में हमारी देसी गौ माता को कामधेनु माता का दर्जा दिया गया है| अब आपको यह भी बता दूँ की हमारी देसी गौ माता के दूध, गौ मूत्र और गोबर के ऊपर बहुत सी शोध में यह पाया गया है की यह तीनो वस्तुएं मानव जाती के लिए वरदान के समान हैं| 3500 वर्ष पूर्व ऋषि वग्भट द्वारा रचित ग्रन्थ अष्टांग हृद्यम में बताया गया है की गौ मूत्र अमृत समान है और इसके सेवन से बहुत सी बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं| यहाँ तक की हमारी देसी गौ माता के दूध में A2 मिल्क प्रोटीन होता है जो बहुत ही लाभदायक है| वहीँ दूसरी ओर जर्सी, होल्सटीन इत्यादि गाय के दूध में A1 मिल्क प्रोटीन पाया जाता है, जो की स्लो पाइजन (ज़हर) के समान है, जो की बहुत धीरे-धीरे शारीर पर असर करता है| देसी गौ माता के गोबर और गौ मूत्र को खेतों में भी इस्तेमाल किया जाता है और यह सबसे अच्छा प्राक्रतिक खाद है, इसका इस्तेमाल करने से ज़मीन की सेहत अच्छी बनी रहती है और अनाज में कोई ज़हरीले तत्व भी नहीं आते|

यह समझ लीजिए की देसी गौ माता से खेती है, सेहत है खुशहाल परिवार और खुशहाल देश है| इतनी खूबियाँ होने के बावजूद भी पूरी दुनिया में हमारे देश से सबसे ज्यादा गोमांस निर्यात होता है बहुत से कत्लखाने धड़ल्ले से चल रहे हैं| गौ हत्या पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए बहुत से साधू संत लड़ाई लड़ते-लड़ते शहीद हो गए, लेकिन अभी तक गौ हत्या पर प्रतिबन्ध नहीं लग पाया| केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद एक रौशनी की किरण दिखाई दे रही है| लेकिन अब देश में यह स्थिति हो चुकी है की किसानों ने और दूध व्यापारियों ने देसी गाय पालना बहुत कम कर दिया है| उदाहरण के तौर पर अगर आप अपने दूध वाले से देसी गाय का शुद्ध दूध मांगेंगे तो आपको निराशा ही हाथ लगेगी| ऐसी परिस्थिति में आप यह समझ लीजिए की अगर हमारी देसी गाय की प्रजाति विलुप्त हो गई तो हमारे देश में ऐसी महामारी फैलेगी और ऐसी-ऐसी बीमारियाँ फैलेंगी जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते| विदेशों में यह बात सभी को समझ आ चुकी है और वहां के लोगों ने जर्सी और होल्सटीन जैसी क्रॉस ब्रीड गाय का दूध पीना ही बंद कर दिया है और वहां की दूध कंपनियों ने भी A2 मिल्क प्रोटीन नाम से दूध बेचना चालू कर दिया है| विदेशी तो जाग चुके हैं पता नहीं हमारे देश के लोग कब जागेंगे|

लेकिन हम हार नहीं मानेंगे और लोगों को जागरूक बनाने के लिए हमेशा कार्य करते रहेंगे| इसी कड़ी में विश्व हिन्दू परिषद् के केन्द्रीय मंत्री श्री उमेश जी पोरवाल के मार्गदर्शन में गौरक्षा आयाम समिति का गठन करने के लिए एक बैठक की गई है| पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय जबलपुर में इस बैठक का आयोजन हुआ| जिसमे समाज में गौ माता के लिए कार्य कर रहे सभी लोगों का एक समूह बनाया जाएगा| यह समूह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कार्य करेगा|

  

गौ रक्षा आयाम क्या काम करेगा ?

  1. इस समूह का काम होगा की आम लोगों को हमारी देसी गौ माता के दूध के महत्व के बारे में बताना और देसी गौ माता के दूध को इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना|
  2. किसानों को देसी गाय पालने के लिए प्रेरित करना और गाय पालन में आने वाली परेशानियों से निजात दिलाना|
  3. विभिन्न गौ शालाओं और किसानों के साथ काम करके देसी गाय के दूध का उत्पादन कैसे बढाया जाए|
  4. किसानों को अपने खेत में रसायन युक्त खाद का इस्तेमाल न करके देसी गाय के गोबर और गौ मूत्र का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना|
  5. हमारी देसी गौ माता की जितनी भी प्रजाति होती हैं, उन प्रजातियों को किस प्रकार से पूर्णतः देसी बनाया जाए|
  6. देसी गौ माता की संख्या अधिक से अधिक बढ़ाना|
  7. जो लोग पहले से ही गौ मूत्र और गोबर का इस्तेमाल करके अच्छी खेती कर रहे हैं उन लोगों को एक उदाहरण के तौर पर आगे लाकर बाकी के किसानो को प्रेरित करना, एवं हर संभव मदद करना|
  8. जो लोग देसी गाय का पालन करके दूध का व्यवसाय कर रहे हैं उन लोगों को एक साथ लाकर बाकी के किसानों को देसी गाय पालन करने के लिए प्रेरित करना एवं देसी गाय के दूध का उत्पादन ज्यादा से ज्यादा करने के लिए किसानों एवं दूध व्यापारियों की हर संभव मदद करना|
  9. देसी गाय के दूध के अलावा गौ मूत्र और गोबर से पैसे कमाने का तरीका सभी को समझाना|
  10. जब देसी गाय दूध देना बंद कर देती है, तब किसान उस गाय को छोड़ देता है, ऐसी परिस्थिति में किसानों को यह प्रेरणा देना की उस गाय का पालन जारी रखें और उसके मूत्र और गोबर को बेच कर व्यवसाय करें या गौ मूत्र और गोबर का इस्तेमाल अपने ही खेत में करें|
  11. हमारी देसी गौ माता के गौ मूत्र और गोबर का खेतों में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर देना| एवं गौ आधारित जैविक खेती पर जोर देना और जागरूकता फैलाना|
  12. देसी गौ माता के मूत्र, गोबर एवं अन्य गौ उत्पादों से व्यवसाय करने के लिए किसानों एवं सभी गौपालकों को एक मंच प्रदान करना और इस प्रक्रिया में हर संभव मदद करना|
  13. शहर-शहर और गाँव-गाँव में आयोजन, नुक्कड़ नाटक एवं जनसंपर्क करके आम जनता को देसी गौ माता के दूध का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करना| दूध के साथ-साथ गौ मूत्र का सेवन करने के लिए प्रेरित एवं जागरूक करना| और आम जनता को देसी गौ माता के प्रति जागरूक करना सबसे अहम् कार्य है, क्योंकि अगर आम जनता देसी गौ माता के दूध और गौ मूत्र की मांग करने लगेगी तो सभी दूध व्यवसायी अपने आप देसी गौ माता पालना शुरू कर देंगे|

 

गौ माता को बचाने में आम जनता की भूमिका?

difference-between-india-cow-and-cross-breed-cowsदोस्तों हमने तो इस समिति का गठन कर दिया और सदैव गौ रक्षा के लिए काम भी करते रहेंगे, लेकिन जब तक आम जनता याने की आपका समर्थन और आशीर्वाद हमें नहीं मिलेगा हम लाख कोशिशों के बाद भी सफल नहीं हो सकते| गौ माता की रक्षा, उनके विकास में सबसे बड़ा योगदान आपका होने वाला है| आपको बस करना यह है की अपने दूध वाले से देसी गौ माता के दूध की मांग करनी है| आपको आज यह प्रण लेना है की :-

  1. आप अपने बच्चों को सिर्फ देसी गौ माता का दूध ही पिलाएँगे|
  2. गौ मूत्र का सेवन औषधि के रूप में परिवार के सभी सदस्यों को कराएंगे|
  3. अगर आप खेती किसानी से नाता रखते हैं तो गौ मूत्र और गोबर से बनी खाद का इस्तेमाल करेंगे| गौ आधारित जैविक खेती करेंगे|
  4. अपने सभी रिश्तेदारों और दोस्तों को हमारी गौ माता की महिमा के बारे में जागरूक करेंगे और उन्हें भी गौ माता के दूध और गौ मूत्र का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरति करेंगे|
  5. इस लेख को अपने सभी मित्रों और रिश्तेदारों को भेज कर इस अनूठी पहल के बारे में सूचित करेंगे|

दोस्तों आपकी ताकत सबसे बड़ी है, इसलिए जाग जाओ वर्ना बहुत देर हो जाएगी| अपने परिवार और अपने दोस्तों की अच्छी सेहत के लिए बस देसी गौ माता की महिमा को जानना, समझना और अपनाना है| जब आप सिर्फ देसी गौ माता के दूध और मूत्र की मांग करेंगे तो गौ माता की रक्षा, विकास अपने आप हो जाएगा|

 

बैठक में उपस्थित सभी अतिथि गणों का एक परिचय:

 

  1. श्री उमेश जी पोरवाल – केन्द्रीय मंत्री विश्व हिन्दू परिषद् (हमारे मार्गदर्शक)

श्री उमेश जी पोरवाल के नेतृत्व में इस महान कार्य का शुभारम्भ हुआ है| इनके प्रयासों से ही समाज में गौ माता के लिए काम कर रहे बहुत से लोगों को एक मंच पर लाना संभव हुआ है| इन्होने गौ माता के लिए अलग-अलग तरह से काम कर रहे लोगों को एक सूत्र में बाँधने का काम किया है|

  1. डॉ. रमेश प्रताप सिंह बघेल – अधिष्ठाता, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविध्यालय जबलपुर मध्य प्रदेश| गौ पालन एवं गौ वंश के ऊपर विभिन्न प्रकार के शोध कर रहे हैं| किसी भी प्रकार के गौ चिकित्सा एवं सलाह देने का कार्य करेंगे|
  1. डॉ. सुनील विश्वनाथ दीक्षित – कई वर्षों से बहुत सारी गौशालाओं के साथ तकनीकी सलाहकार के रूप में काम किया है| गौशाला का निर्माण किस तरह होना चाहिए, गौ माता के खाने पीने की जगह किस तरह से होना चाहिए| गौशाला निर्माण उसके विकास के विषय में बहुत ही अच्छी जानकारी रखते हैं| गौ रक्षा आयाम मिशन में इनकी भूमिका गौशालाओं और गाय पालने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता प्रदान करने की होगी|
  1. श्री रामसुख दुबे: गौ मूत्र और गौ गोबर से खेती कैसे करनी है, इसका प्रशिक्षण देने के लिए श्री रामसुख दुबे जी सदैव तत्पर रहेंगे| रामसुख जी मध्य प्रदेश का एक मात्र जैविक प्रशिक्षण संसथान चलते हैं और बहुत से संस्थानों के छात्रों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दे चुके हैं, एवं गौ मूत्र और गौ गोबर का इस्तेमाल खेती में करके किस तरह से उत्पादन बढाया जाए इसपर निरंतर शोध करते रहते हैं|
  1. श्री साकेत जैन और श्री विजय गोखरू – कई वर्षों से देसी गौ पालन कर रहे हैं| गौ मूत्र एवं गोबर का इस्तेमाल करके, जैविक खेती कर रहे हैं और बहुत अच्छा उत्पादन ले रहे हैं| गौ रक्षा आयाम में बहुत से अन्य विषयों पर इनका ज्ञान एवं अनुसन्धान अतुलनीय है|
  1. श्री एल. बी. सिंह – प्रान्त सह संयोजक बजरंगदल, समाज सेवा में कई वर्षों से तत्पर| बचपन से ही स्वयं सेवक संघ से जुड़े हुए हैं| आज के दौर में समाज के हर तबके के लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहते हैं|
  1. मनीष तिवारी – राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के सदस्य हैं| कई वर्षों से विभिन्न गौशालाओं के गौ उत्पादन को बाज़ार में बेचने का कार्य कर रहे हैं| सभी किसानों एवं गौ पालकों को गौ उत्पादों से व्यवसाय करने का प्रशिक्षण देने का काम करेंगे|
  1. डॉ. बार्ली और डॉ. सूरजदास – स्वतंत्र संस्था के संस्थापक, जो की कई वर्षों से गौशाला प्रबंधन एवं स्वाबलंबन हेतु तकनीकी एवं व्यावसायिक मार्ग दर्शन प्रदान करते हैं|
  1. श्री विशाल तिवारी और श्री रणजीत सिंह – संस्थापक Bhagava Media Solutions LLP

कई वर्षों से सोशल मीडिया एवं वेबसाइट के माध्यम से हिन्दू धर्म और गौ माता की महिमा को लोगों तक पंहुचा रहे हैं| गौ रक्षा आयाम में इनका योगदान गौ माता के महत्व को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाने का होगा|

अगर आप भी गौ रक्षा आयाम से जुड़ना चाहते हैं और गौ माता देवा में अपना योगदान देना चाहते हैं तो सबसे पहले तो इस लेख को अपने whatsapp और Facebook पर शेयर करें| एवं हमारी ईमेल पर हमें लिखें हम आपको संपर्क करेंगे| हमारी ईमेल – aastik.in@gmail.com

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