अगर तिलक लगाए बिना किया कोई भी धार्मिक कार्य तो नहीं होगी पुण्य फल की प्राप्ती

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how to applied tilak on foreheadविभिन्न धार्मिक कृत्य एवं भिन्न-भिन्न देवी-देवता के उपासक अपने मस्तक में अलग-अलग तिलक धारण करते है | तिलक रहस्य में एक श्लोक के माध्यम से इसे बताया भी गया है |

श्लोक –  ब्रम्हा को बड़पत्र जो कहिये, विष्णु को दो फाड़ |

        शक्ति की दो बिंदु कहिये, महादेव की आड़ ||

अर्थ – ब्रम्हा के उपासक तिन उंगलियों से बना तिलक लगाते है | विष्णु के उपासक दो पतली रेखाओं के रूप में ऊपर की ओर तिलक लगाते है | माँ आदि शक्ति के उपासक दो बिंदी (शिव-शक्ति) के रूप में तिलक लगाते है | भगवान शिव के उपासक त्रिपुंड ( आड़ी तीन रेखाओं के रूप में तिलक लगाते है |

तिलक लगाने का वैज्ञानिक दृष्टिकोण

benefit of tilak on foreheadहमारे मस्तिष्क में दो रसायनों का स्त्राव (बहना) होता है जिनका नाम बीटाएंडोरफिन और सेराटोनिन है | वैज्ञानिकों के अनुसार इन रसायनों का स्त्राव मस्तिष्क में असंतुलित होने से उदासीनता और निराशा के भाव पनपने लगते है और यह भी दावा किया गया है कि तिलक लगाने से इन दोनों रसायनों का स्त्राव संतुलित रहता है अर्थात तिलक उदासीनता और निराशा के भाव से मुक्ती प्रदान करता है |

विभिन्न द्रव्यों के तिलक की विशेषता

types of tilak in hinduismऐसा माना गया है कि विभिन्न द्रव्यों के तिलक की अपनी विशेषता एवं महत्व है |

१,benefit of chandan tilak चंदन का तिलक मस्तिष्क में तारो-ताजगी लाता है और हमारे ज्ञान तंतुओं की क्रियाशीलता को बढ़ा देता है |

२,benefit of kumkum tilakकुमकुम का तिलक चहरे के तेज को बढ़ाता है |

३,benefit of tilak on fore head विशुद्ध मृत्तिका के तिलक से संक्रामक कीटाणुओं से मुक्ती मिलती है |

४,benefit of bhasm tilak यज्ञ भस्म मस्तक में धारण करने से सौभाग्य में वृद्धि एवं पुण्य फल की प्राप्ति होती है |