माँ कात्यायनी की पूजा से होता है सभी कष्टों का निवारण, इस तरह करें माँ को प्रसन्न

0
2916

माँ कात्यायनी की पूजन विधि

navratri-maa-katyayani-puja-vidhi-hindi

नवरात्रि का छठा दिन माँ कात्यायनी की उपासना का दिन होता है। इनके पूजन से अद्भुत शक्ति का संचार होता है और दुश्मनों का संहार करने में ये सक्षम बनाती हैं।  इनका ध्यान गोधुली बेला में करना होता है। प्रत्येक सर्वसाधारण के लिए आराधना योग्य माँ का श्लोक सरल और स्पष्ट है। माँ जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए इस को कंठस्थ कर नवरात्रि में छठे दिन इसका जाप करना चाहिए।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता: |
नमस्तस्यै  नमस्तस्यै  नमस्तस्यै  नमो  नम: ||

नवरात्र के छठे दिन लाल रंग के वस्त्र पहनें। यह रंग शक्ति का प्रतीक होता है | इस दिन देवी के पूजन में मधु का महत्व बताया गया है। । माँ कात्यायनी को मधु यानी शहद युक्त पान बहुत पसंद है । इसके प्रभाव से साधक सुंदर रूप प्राप्त करता है और इसे प्रसाद स्वरूप अर्पण करने से देवी अति प्रसन्न होती हैं। इस मंत्र से माँ की उपासना करने से माँ अपने भक्तो की सारी इच्छाओं को पूरा करती हैं |

चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना।
कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि।।

माँ कात्यायनी की पूजा का महत्व

माँ कत्यायायनी की आराधना से व्यक्ति को मन को नियंत्रित करने की क्षमता प्राप्त होती है | वह अपनी सारी चिंताओं और व्यसनों से मुक्त हो सकता है | भक्तों को अद्भुत साहस मिलता है तथा वह बाधाओं को लांघ जाता है | विवाह सम्बन्धी कैसी भी बाधा हो, माँ कात्यायनी की पूजा से समाप्त हो जाती है

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here