गलत जूते पहनने से होते है ये 6 खतरनाक रोग | ill-fitting-shoes-problems

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कैसे करें जूतों का सेलेक्शन | ill-fitting-shoes-problems

आज के इस मॉडर्न युग में लोग फैशन को बहुत महत्त्व देने लगे है | लोग अपने लुक को और अट्रैक्टिव बनाने के लिए अपने कपड़े और जूते खरीदते समय तरह-तरह के लेटेस्ट ट्रेंड अपनाते है | आज का हमारा ये लेख गलत जूतों के सेलेक्शन से होने वाले रोगों के ऊपर है जी हाँ दोस्तों आपने सही सुना गलत जूते चप्पल के सेलेक्शन से भी हमें अनेक प्रकार के रोग हो सकते है जो हम अभी आपको बताएंगे |

ज्यादातर लोग जूते खरीदते समय अपना ध्यान सिर्फ उसके लुक और स्टाइल में रखते है पर बहुत काम ही लोग ऐसे है जो ये ध्यान देते है कि उसे पहनने के बाद उन्हें कितना कम्फर्ट फील हो रहा है |

फैशन के इस युग में पुरुष और महिला दोनों के लिए अनेकों स्टाइल और डिज़ाइन में जूते चप्पल मार्केट में अवेलबल है जैसे कि नैरो शूज, हाई हील शूज, टाइट शूज आदि | और लोग इन्हे न केवल पसंद कर रहे है बल्कि तेजी से अपना भी रहें है | कुछ लोग तो इतने टाइट शूज पहनते है कि उन्हें चलने में तो तकलीफ होती ही है साथ ही पैरों में दर्द होने वाली समस्या के भी शिकार हो जाते है | इसलिए अब हम आपको सात ऐसे रोगों के बारे में बताते जो जूते चप्पल के गलत चुनाव के कारण होते है |

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गलत जूतों से होने वाले रोग |  Effect of Wearing Bad Shoes

1. एड़ी में गाँठ 

ये समस्या हमेशा टाइट जूते पहनने वालों को होती है | टाइट शूज पहनने से पैरों की एड़ी की लम्बाई आधे इंच तक बढ़ जाती है जो की पैरों में गंभीर दर्द पैदा कर देता है |

2. एथलीट फुट (Athlete Foot)

एथलीट फुट ये एक ऐसी बिमारी टाइट शूज पहनने वालों को होती है | इस बिमारी को ये नाम इसलिए दिया गया है क्योकि इससे ज्यादातर एथलीट लोग ही प्रभावित होते है | लेकिन फैशन के दौर पर टाइट शूज का भी प्रचलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है और यही लोगों को इस बिमारी का शिकार बना देता है | ये बिमारी उँगलियों के बीच में जमे संक्रमित पसीने के कारण होती है जो की उँगलियों के बीच जलन और खुजली की गंभीर समस्या पैदा कर देतीं है |

3. डायबिटिक फुट

जो व्यक्ति डायबिटीज के रोगी होते है उनके पैरों की तंत्रिकाएं हमेशा क्षतिग्रस्त पाई जाती है जिसके कारण उन्हें उस भाग में हलकी सुनसुनि या प्रतिक्रिया का कोई एहसास नहीं होता है और ऐसे पैर को ही मेडिकल साइंस ने डायबिटिक फुट का नाम दिया है | इसलिए जब इनके पैरों में खुजली या जलन जैसी समस्या शुरू होती है तो इन्हे क्षतिग्रस्त तंत्रिकाओं के कारण उसका एहसास नहीं होता है जो की बाद में गंभीर घाव और फफोलों में तब्दील हो जाती है |

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4. कॉर्न्स

 

ये एक ऐसा रोग है जो स्किन में मोटे-मोटे धब्बों की के रूप में उभरता है जो की दबाव के कारण बढ़ता ही जाता है | कॉर्न्स फुट का अगर जल्दी उपचार न किया जाए तो ये भविष्य में पैरों के लिए गंभीर दर्द की समस्या पैदा कर देता है | ये रोग से बचने के लिए हमेशा जूते खरीदते वक्त सही तरह से चुनाव करना चाहिए |

5. मेटाटर्साल्जिया

मेटाटर्साल्जिया रोग को दो अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे की पत्थर खरोच या स्टोन ब्रूज | ये रोग पैरों के सामने के हिस्से में एक दर्दनाक स्थिति उत्पन्न कर देता है जिसके कारण पैरों में असहनीय दर्द और सूजन जैसी समस्या देखने को मिलती है | गलत जूतों के साथ दौड़, कूद या व्यायाम करने से पैरों में इस रोग की संभावना बनती है |

6. हैमर टो

ये रोग हमेशा उन लोगों को होता है जो की बहुत टाइट शूज का इस्तेमाल करते है | टाइट शूज पहनने के कारण अक्सर सामने की उंगलिया मुड़ जाती है जिसमे सबसे ज्यादा नुक्सान बीच की ऊँगली को पहुँचता है जिसके कारण बहुत दर्द भी होता है | हैमर टो के कारण पैरों की उँगलियाँ कठोर हो जाती है और उसके जोड़ भी हमेशा के लिए अंदर से उखड जाते है |

7. गोखरू

गोखरू रोग अक्सर उँगलियों या तलवों में ही होता है जो पैरों में एक गाँठ की तरह दिखाई देता है |जो लोग मोज़े के साथ नैरो शूज पहनते है उनको ये समस्या होती है क्योकि नैरो शूज और मोजों के कारण तलवे में दबाव पड़ता है और व्यक्ति गोखरू जैसी समस्या का शिकार हो जाता है |

तो दोस्तों आपको ये आर्टिकल कैसा लगा हमें कॉमेंट करके बताएं और हम आशा करते है की अबसे आप जूते या चप्पल लेते समय इन बातों का जरूर ध्यान रखेंगे |

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