दुर्गा शाप्त्श्लोकी स्त्रोतम: हर मनोकामना होगी पूरी

1
5426

यह स्त्रोत माँ जगदम्बा का सबसे शक्तिशाली स्त्रोत है. यह माना जाता है की, जब भगवान शिव ने दुर्गा माता से पूछा की मेरे भक्त जीवन में खुश कैसे रहेंगे और उनके कार्य बिना किसी अड़चन के कैसे पुरे होंगे. तब माँ दुर्गा ने स्वयं भगवान शिव को यह स्त्रोत पढ़ कर सुनाया था. यह स्त्रोत दुर्गा शप्तशती पाठ या चंडी माता पाठ के बराबर ही माना जाता है. आइये हम दुर्गा शाप्त्श्लोकी स्त्रोतम के सात मंत्रो को करीब से जानते हैं. durga-puja-durga-shaptshloki-mantra

इस श्लोक से माँ जगदम्बा होंगी प्रसन्न:

ॐ अस्य श्री दुर्गा सप्तश्लोकी स्तोत्र मंत्रस्यनारायण ऋषि: अनुष्टुप् छ्न्द:श्री महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वत्यो देवता: श्री दुर्गा प्रीत्यर्थे सप्तश्लोकी दुर्गा पाठे विनियोग:।

माता से ज्ञान का आशीर्वाद मांगने का मंत्र:

ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि साबलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति ।।1।।

दुखों से निजाद पाने के लिए श्लोक:

दुर्गे स्मृता हरसिभीतिमशेष जन्तो:स्वस्थै: स्मृता मति मतीव शुभां ददासि
दारिद्र्य दु:ख भय हारिणि का त्वदन्यासर्वोपकार करणाय सदार्द्र चित्ता ।।2।।

सभी मनोकामनाओ की पूर्ति के लिए :

सर्व मङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिकेशरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते ।।3।।

सभी प्रकार के दुःख दर्द से निजाद पाने के लिए:

शरणागत दीनार्त परित्राण परायणेसर्वस्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽस्तुते ।।4।।

माता के द्वारा अपनी रक्षा करवाने का मंत्र:

सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्व शक्ति समन्वितेभयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तुते ।।5।।

जीवन में सही रास्ते पर चलने के लिए:

रोगान शेषा नपहंसि तुष्टारुष्टा तु कामान् सकलान भीष्टान्।
त्वामाश्रितानां न विपन् नराणांत्वामाश्रिता ह्या श्रयतां प्रयान्ति ।।6।।

अंदरूनी दुश्मनों के नाश के लिए:

सर्वा बाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरिएकमेव त्वया कार्यमस्मद् वैरि विनाशनं ।।7।।

 

इस स्त्रोत का पाठ बिना किसी नियम, विधि और विधान के आसानी से सुबह पूजा करते समय या शम को संध्या करते समय किया जा सकता है. इस स्त्रोत का निरंतर पाठ करने से हर कम में बिना अड़चन के सफलता मिलती है

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here