अगर जड़ से ठीक करना हो ये तीन बिमारी, तो बहुत जरूरी है जानना यह महत्वपूर्ण जानकारी |

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मोटापा दूर करने के उपाय

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मोटापा बहुत दुखदायी होता है | मोटा व्यक्ति भले ही देखने में तगड़ा हो परन्तु एक बाल्टी पानी उठाने में ही वह हांफने लगेगा | मोटापे से भरे शारीर में शक्ति या ताकत नहीं होती, कारण उसके शारीर की चर्बी है | मोटापे के कारण व्यक्ति को नाना प्रकार के कष्ट होते है | मोटापा भी भोजन और योगासन के माध्यम से ठीक किया जा सकता है |

आहार कौन से चयन करे 

१, चने की कच्ची दाल गुड़ के साथ खायें |

२, चने की सूखी दाल अगर किसी कारणवश न चबा सके तो वह दाल आठ-दस      घंटे पूर्व भिगोयी हो, उसे साफ कपड़े से रगड़कर सुखाने के बाद थोडा शहद या नमक मिलकर, काली मिर्च का पूत देकर खायें | १० ग्राम से शुरू कर ३० ग्राम तक ले खायें |

३, दालों में मोठ, मसूर, अरहर का प्रयोग करें |

४, सब्जियों में पालक, बथुए का साग, जिमिकंद, ग्वार पट्ठा, शलजम सूखी, टिंडा, परवल, करेला, मैथी खायें |

५, फलो में मौसमी, सन्तरा, पपीता, अनानास एवं अंगूर खायें |

विशेष लाभकारी आसन       

१, सर्वांगासन |       २, सर्पासन |

३, चक्रासन |         ४, धनुरासन |

इस प्रकार आहार एवं इच्छित योगासन कर निश्चित रूप से मोटापे का उपचार किया जा सकता है |

पेट की गैस ठीक करने के उपाय 

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पेट की गैस आज एक आम बिमारी हो चुकी है | ये बिमारी ज्यादातर कुर्सी में बैठ कर कार्य करने वाले लोगो को होती है | खाना खाकर कोई काम न कर दिनभर आलस्य में समय व्यतीत करने से भी पेट में गैस बनती है | शारीरिक विकार होने से भी ये बिमारी होजाती है | जब गैस का असर तेज होता है, तो रोगी का मस्तिष्क झनझना जाता है, वह कोई कार्य नहीं कर पाता | केवल लेटने क अलावा दूसरा कोई उपाय नहीं रह जाता |

जिन लोगो को यह रोग है उन लोगो को पहली सलाह यह है कि वह प्रतिदिन एक से दो किलोमीटर अवश्य चले | स्वाभाविक पैदल चलना इस बीमारी में सबसे ज्यादा लाभदायक है तथा इसका तात्कालिक फल भी मिलता है | इसका स्थायी उपचार विलंब से होता है | फिर भी प्रयत्न कर इससे छुटकारा पाया जा सकता है |

आहार कौन से चयन करे 

१, सब्जियों में काले चने का रस, पालक, तोरई का साग, आलो मैथी, गाँठगोभी, शलजम,टिंडा, परवल, करेला एवं बैगन लें |

२, दालों में मोठ, अरहर, मसूर एवं मूंग ही खायें |

३, मेवों में पिस्ता, किशमिश, खजूर, अंजीर, मक्का, काजू लें |

४, शरद ऋतू में गेंहू और बाजरे का आटा बराबर मिलाकर उसकी रोटियां बनाकर खायें | अन्य मौसम में आधा किलो जौ मिलाकर इसी की रोटी खानी चाहिए |

५, सेब एवं बेल का मुरब्बा भी उपयोगी है |

६, भोजन के साथ दही खा सकते है | खाना खाने के दो घंटे पश्चात् अंगूर या मौसमी का रस पी सकते है |

इस प्रकार भोजन कर पवनमुक्तासन करें एवं प्राणायाम भी लाभदायक है, जिसमें आप को सुविधा हो वह करें |

धैर्य के साथ यह करें क्योकि इसके ठीक होने में समय लग सकता है |

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पथरी ठीक करने के उपाय 

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प्रायः गुर्दा, पथरी आदि का भी रोग उम्र बढ़ने के साथ हो जाया करता है | एक प्रकार से यह प्राण लेवा बीमारी है, पर इनका भी उपचार योगासनों तथा खानपान से किया जा सकता है | इस रोग से पीड़ित व्यक्ति यदि सावधानी के साथ उपचार करे तो अवश्य आरोग्य प्राप्त कर सकता है |

आहार कौन से चयन करें 

१,इस रोग से पीड़ित व्यक्तियों को सब्जियों में शलजम, गाजर, मूली, बथुए के साग का रायता, टिंडा, लौकी, सीताफल, तोरई, पालक, ककड़ी, खीरा खाना चाहिए |

२, अरहर, मूंग, मोठ की दाल लाभदायक है |

३, दस किलो गेंहू में एक किलो जौ और एक किलो चना मिलाकर इनकी रोटियां खाने से लाभ मिलता है |

विशेष लाभकारी आसन 

१, सर्वांगासन |            २, हलासन |

३, वज्रासन |              ४, पवनमुक्तासन |

इसमें से जो सुविधाजनक हो, एक आसन नियमित रूप से करें |

महत्वपूर्ण जानकारी: योगासन किसी अच्छे जानकार से परामर्श लेने के बाद ही चुने क्योकि इन आसनों की अपनी कुछ सावधानियां होती है |

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