अगर आप को बनना है लक्ष्मीवान, तो अमल करे अपने जीवन में ये वास्तुज्ञान |

1
4333

पूजा सम्बंधित वास्तुज्ञान

928750_orig

१, वास्तुशस्त्र के अनुसार पूजाघर में एक बित्ते से छोटी मूर्ती का विधान बताया गया है | अगर मूर्ती इससे जादा बड़ी     हो तो वह शुभ नहीं मानी गयी है | मूर्ती का बड़ा होना गृहस्वामी के संतान सुख में बाधित माना गया है |

२, पूजाघर में दो शिवलिंग, सूर्य की प्रतिमा, तीन गणेश प्रतिमा और तीन देवी की प्रतिमा न रखें क्यों की यह दुखद       परिणाम देता है |

३, हमेशा पूर्वमुखी होकर पूजा करनी चाहिये | पूजा में उपयोग की जाने वाली वस्तुएं साफ़ एवं एवं शुद्ध होनी चाहिये |

भोजन सम्बंधित वास्तुज्ञान  

meal-918639_960_720

१, भोजन हमेशा पूर्व एवं उत्तर की ओर मुख करके करना चाहिये | पूर्व की तरफ मुख करके खाने से मनुष्य की आयु    बढ़ती है, दक्षिण की तरफ मुख करके खाने से प्रेतत्व की प्राप्ति होती है, पश्चिम की और मुख करके खाने से          मनुष्य रोगी होता है और पूर्व की ओर मुख करके भोजन करने से धन की प्राप्ति होती है |

२, सर पर कपड़ा ढंककर भोजन कभी नहीं करना चाहिये इससे रोग बढ़ते है | हमेशा पैर धोकर खाना खाना चाहिये |

३, फूटे हुए बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिये क्योकि इसमें भोजन करने वाला मनुष्य चान्द्रायण व्रत करके ही शुद्ध       होता है |

४, भोजन सदैव बैठ कर ही करना चाहिये |

५, भोजन सदा एकांत में करना चाहिये | कभी भी भोजन पलंग पर बैठ कर न करें |

शयन सम्बंधित वस्तुज्ञान

20141021_162006_sleeping-woman

१, सदा पूर्व अथवा दक्षिण की तरफ सिर करके सोना चाहिये | उत्तर एवं पश्चिम की तरफ सिर रखकर सोने से आयु     कम होती है और शारीर में रोग उत्पन्न होते है |

२, पूजाघर के ऊपर शयन कक्ष नहीं होना चाहिये |

३, भण्डार के ऊपर शयन कक्ष नहीं होना चाहिये |

४, भीगे पैर नहीं सोना चाहिये | सूखे पैर सोने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है |

५, दिन में और दो सन्ध्याओं के समय जो भी नींद लेता है वह रोगी और दरिद्र होजाता है |

शरीर सम्बंधित वास्तुज्ञान

shower-1027904_960_720little-girl-brushing-teeth

१, स्नान किये बिना जो पुण्य कर्म किया जाता है वे निष्फल होजाता है एवं उसे राक्षस ग्रहण करते है |

२, पूर्व एवं उत्तर की तरफ मुख करके ब्रश एवं दतौन करना चाहिये इससे सुख और निरोगता आती है एवं धैर्य बड़ता     है |

३, बाल कटाते वक्त मुख अगर उत्तर की तरफ हो तो शुभ माना गया है |

४, पश्चिम की तरफ मुखकर के ब्रश करने से सदैव कार्य में पराजय प्राप्त होती है |

५, स्नान के बाद अपने अंगों में तेल की मालिश नही करनी चाहिये और ना तो गीले वस्त्रों को फटकारना चाहिये |

शौँच सम्बंधित वास्तुज्ञान  

images

 

१, पश्चिम या दक्षिण की तरफ मुख कर के शौँच करना लाभकारी होता है | इससे

आयु बढ़ती है और निरोगता प्राप्त होती है |

२, अन्य दिशाओं की तरफ मुख करके शौँच करने से रोग पैदा होते है |

 

वस्त्र सम्बंधित वास्तुज्ञान

zayif-gosteren-renkler_646x340

१, अपने शुभ रंगों के अनुसार वस्त्रो का चयन करना चाहिये |

२, सोते समय ढीले वस्त्रो का इस्तमाल करना चाहिये |

३, सिर में टोपी लगाना ज्ञानवर्धक है |

४, ददूसरों के पहने हुए कपड़े नहीं पहनना चाहिये |

५, सोने के लिए अलग वस्त्र होने चाहिये, सड़क में घूमने के लिए अलग तथा देवी देवताओं की पूजा के लिए अलग       वस्त्र होने चाहिये |

Facebook Comments